पटना जंक्शन: यूपी पुलिस का वो हिम्मती जवान
06/12/2018 (गुरुवार, पटना जंक्शन) पटना स्टेशन पर एक मज़ेदार वाकया हुआ. हम किट्टू के साथ बतिया रहे थे. वो बता रहा था कि ट्रेन समय से चलती नहीं है, और झोलझाल बुलैट ट्रेन/स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में पैसा लगाते रहती है सरकार. उसी समय अमृतसर-हावड़ा आकर रुकी. उससे उत्तर प्रदेश पुलिस का एक जवान उतरा. हमलोग बात किए जा रहे थे. पास में खीरा/ककड़ी/अनानास का स्टॉल था. पुलिस का जवान अनानास लेने लगा. मेरी आवाज़ इतनी ऊंची रही होगी कि पुलिसवाले तक पहुंची. "इसबार मोदिया आया तो पूरा खरमंडल कर देगा. साढ़े चार में चौपटधिराजों का सरदार बनकर चौपट किए ही जा रहा है न". पुलिस वाला पास आकर खड़ा हो गया. उसने कहा, "सही कह रहे हैं. कुछ किया नहीं, गप हगा है सिर्फ़". हम चौंके. हमको लगा वो हमको भांप रहा है. हम तुरंत बातचीत खेतीबाड़ी पर खींचे. पुलिस वाला स्वास्थ्य की बात करने लगा. फिर अपने डिपार्टमेंट की बात बताने लगा कि योगी के कार्यकाल में पुलिस की ऑथोरिटी कैसे घट गई है. बुलंदशहर की घटना पर उसने कहा, "हमलोग समझते नहीं हैंं क्यों इंस्पेक्टर मारा गया. वेल प्लानड था मर्डर." सरकारी स्कूल की खराब स्...